नमस्ते! कल मैं अपने गाँव गया था, गर्मी की छुट्टियों में चाचा के खेत पर मदद कर रहा था। वहाँ मैंने रामसागर काकू से बात की, जो 60 साल के हैं और अब तक खुद हल चलाते हैं। उन्होंने हाथ में चाय का कप लेकर कहा – “बेटा, अब बुढ़ापा आ गया, पर खेती का कर्ज अभी भी सिर पर है। उधर खाद-बीज के दाम आसमान छू रहे हैं।” उनकी आँखों में नमी थी जब वो बोले – “केंद्र से ₹6000 मिल जाते हैं, पर वो भी कहाँ पूरे पड़ते हैं।”
और फिर अगले दिन अखबार उठाया तो छपा था – बिहार सरकार ने कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना 2026 का ऐलान कर दिया है! मैं तुरंत रामसागर काकू के पास गया और ये खुशखबरी सुनाई। उनकी आँखें चमक उठीं। तो चलिए, मैं आपको इस योजना की पूरी-पूरी जानकारी दे रहा हूँ, बिल्कुल वैसे ही जैसे मैंने रामसागर काकू को समझाया था।
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🌾 कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना 2026 क्या है? (आसान भाषा में)
ये योजना बिहार सरकार ने फरवरी 2026 के बजट में घोषित की है। अब तक बिहार के किसानों को केंद्र की PM किसान योजना से ₹6000 सालाना मिलते थे। अब राज्य सरकार अतिरिक्त ₹3000 प्रति वर्ष देगी। मतलब सीधा-सादा हिसाब:·
- PM किसान योजना: ₹6000
- कर्पूरी ठाकुर योजना: ₹3000
- कुल: ₹9000 सालाना
मेरी राय में, ये उन किसानों के लिए वरदान से कम नहीं जिनके हाथ में खेत की फसल आने तक अक्सर पैसे नहीं होते। रामसागर काकू ने तो ये सुनते ही कहा – “अब तो बहू के गहने गिरवी रखने की नौबत नहीं आएगी बेटा!”

👨🌾 इस योजना का सबसे बड़ा राज़ (जो बहुत कम लोग जानते हैं)
अब ध्यान से सुनिए! मैंने ब्लॉक ऑफिस के एक साहब से बात की, तो उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा! जी हाँ, बिल्कुल सही सुना। अगर आप पहले से PM किसान योजना में रजिस्टर्ड हैं, तो आपको ऑटोमैटिक इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार PM किसान के डेटाबेस से ही पात्र किसानों का चयन करेगी। लेकिन हाँ, इतना जरूर चेक कर लीजिए:·
- आपका e-KYC पूरा हो
- बैंक खाता एक्टिव हो
- आधार बैंक से लिंक हो
- जमीन के कागजात अपडेट हों
गाँव के मुन्ना भाई ने तो पिछले साल KYC नहीं कराया था, उसकी PM किसान की किस्त ही रुक गई थी। तो समय रहते ये काम निपटा लीजिए।
💰 कितना पैसा मिलेगा और कैसे मिलेगा?
राशि का पूरा ब्यौरा:
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| योजना का नाम | मिलने वाली राशि |
| PM किसान सम्मान निधि | ₹6000 प्रति वर्ष |
| कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि | ₹3000 प्रति वर्ष |
| कुल सहायता राशि | ₹9000 प्रति वर्ष |
किश्तों का हाल (अनुमानित): अभी तक सरकार ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन DBT योजनाओं के पैटर्न देखें तो तीन तरीके हो सकते हैं:
1. ₹1000 की तीन किस्तें (सबसे ज्यादा संभावना)
2. ₹1500 की दो किस्तें
3. ₹3000 की एकमुश्त राशि
मैंने श्यामलाल जी से बात की, जो पिछले 40 साल से खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा – “बेटा, तीन किस्तें अच्छी रहेंगी। हर चार महीने में हाथ पर पैसा आएगा तो खाद-बीज का इंतज़ाम आसान होगा।”

📅 कब से मिलेगा पैसा? (समय-सारिणी)
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 से योजना लागू करने का लक्ष्य रखा है।
- बजट घोषणा: फरवरी 2026
- योजना शुरू: मध्य 2026 (संभावित)·
- पहली किस्त: 2026 के अंत तक (उम्मीद है दीवाली के आसपास)
मेरे गाँव के रमेश ने तो मज़ाक किया – “इस बार दीवाली पर लक्ष्मी जी सीधे खाते में आएंगी!” 🪔
🏛️ सरकार का खर्चा (बजट अनुमान)
बिहार में लगभग 73 लाख किसान हैं, अगर सबको ₹3000 अतिरिक्त दिए जाएं, तो कुल खर्च:
- 73,00,000 × ₹3000 = ₹21,90,00,00,000
- यानी लगभग ₹2190 करोड़ प्रति वर्ष!
ब्लॉक ऑफिस के साहब ने बताया – इतना बड़ा बजट किसानों के लिए पहले कभी नहीं आया। ये दिखाता है कि सरकार कितनी गंभीर है।
✅ पात्रता: कौन ले सकता है लाभ?
रामसागर काकू ने पूछा – “बेटा, क्या मैं भी इस योजना का हकदार हूँ?” तो मैंने उन्हें ये बताया: पात्रता के लिए जरूरी शर्तें:
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1. बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए
2. खेती योग्य जमीन होनी चाहिए (चाहे कितनी भी छोटी हो)
3. PM किसान योजना का लाभार्थी होना चाहिए
4. आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए
5. e-KYC पूरा होना चाहिए
किनको नहीं मिलेगा लाभ?· Income Tax भरने वाले किसान· सरकारी नौकरी करने वाले· बड़े जमींदार· जिनके जमीन के कागजात वेरिफाइड नहीं हैं गाँव के सुखदेव, जो पटना में सरकारी नौकरी करते हैं, उदास हो गए ये सुनकर। पर नियम तो नियम है!

📝 आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अब सबसे अहम बात – आवेदन कैसे करें? इसे ध्यान से पढ़िए:
स्थिति 1: अगर आप पहले से PM किसान योजना में रजिस्टर्ड हैं
तो कोई आवेदन नहीं करना है! बस ये चीजें चेक कर लीजिए:
✅ पहला कदम: अपना PM किसान रजिस्ट्रेशन नंबर पता करें
✅ दूसरा कदम: e-KYC पूरा करें (अगर नहीं किया है)
✅ तीसरा कदम: बैंक खाता एक्टिव रखें
✅ चौथा कदम: आधार बैंक से लिंक चेक करें
✅ पाँचवाँ कदम: जमीन के कागजात अपडेट रखें
मैंने रामसागर काकू को फोन कराया और उनका PM किसान नंबर निकलवाया। फिर ऑनलाइन KYC स्टेटस चेक किया – सब ठीक था। वो खुश हो गए!
स्थिति 2: अगर आप PM किसान योजना में रजिस्टर्ड नहीं हैं
तो पहले वहाँ रजिस्ट्रेशन कराना होगा:
स्टेप 1: PM किसान के ऑफिशियल पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाएं
स्टेप 2: ‘नया किसान पंजीकरण’ पर क्लिक करें
स्टेप 3: अपना आधार नंबर दर्ज करें
स्टेप 4: बैंक खाते की जानकारी भरें
स्टेप 5: जमीन का विवरण दर्ज करें (खेसरा नंबर, रकबा आदि)
स्टेप 6: सबमिट करें और वेरिफिकेशन का इंतज़ार करें
गाँव के चंदन ने पिछले हफ्ते ही ऑनलाइन आवेदन किया था। उसे समझ नहीं आ रहा था, तो मैंने सीएससी सेंटर जाकर कराने को कहा। वहाँ के भैया ने ₹20 लेकर फॉर्म भर दिया। नया पंजीकरण केवल वही किसान करा सकते हैं जिनके नाम पर 1 फरवरी 2019 से पहले की जमाबंदी है
📄 जरूरी दस्तावेज (पहले से तैयार रखें)

रामसागर काकू ने अपनी पुरानी अटैची निकाल ली और कागज निकालने शुरू कर दिए। ये रही लिस्ट:·
✅ आधार कार्ड (सभी कागजातों की जड़)·
✅ बैंक पासबुक (खाता नंबर और IFSC कोड के साथ)·
✅ जमीन के कागजात (Jamabandi, LPC, खेसरा की कॉपी)·
✅ मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)·
✅ PM किसान रजिस्ट्रेशन नंबर (अगर है तो)
काकू की अटैची से पुराने कागज निकले तो धूल उड़ी! पर सब कुछ मिल गया। बस जमीन के कागज पर नाम थोड़ा अलग लिखा था, वो ठीक कराना होगा।
🏦 जमीन के कागज क्यों जरूरी हैं? (बड़ी वजह)
बिहार सरकार अब DBT देने से पहले भूमि रिकॉर्ड की जांच करती है। अगर:
❌ Jamabandi अपडेट नहीं है
❌ जमीन के कागज में नाम गलत है
❌ खेसरा नंबर का मिलान नहीं होता
तो पेमेंट रुक सकता है! गाँव के हरिनारायण का ₹6000 का पेमेंट छह महीने से अटका था। फिर पता चला कि जमीन के कागज में उनके पिता का नाम था, उनका नाम दर्ज नहीं था। अंचल कार्यालय जाकर नामांतरण कराना पड़ा। इसलिए रामसागर काकू को सलाह दी – पहले अपने जमीन के कागज ठीक करा लीजिए।
💡 PM किसान और कर्पूरी ठाकुर योजना में अंतर
| फीचर | PM किसान योजना | कर्पूरी ठाकुर योजना |
| शुरू किया | केंद्र सरकार | बिहार सरकार |
| राशि | ₹6000 प्रति वर्ष | ₹3000 प्रति वर्ष |
| कुल लाभ | ₹6000 | ₹9000 (दोनों मिलाकर) |
| लागू क्षेत्र | पूरे भारत में | केवल बिहार में |
| आवेदन प्रक्रिया | अलग से करना होगा | ऑटोमैटिक (PM किसान वालों को) |
🎯 क्या है इस योजना का असली मकसद?
रामसागर काकू ने गहरी साँस लेते हुए पूछा – “बेटा, सरकार इतना पैसा क्यों दे रही है?” मैंने समझाया:
1. किसानों की आय बढ़ाना – खेती में मुनाफा कम हो रहा है
2. खेती के खर्च में मदद – बीज, खाद, कीटनाशक महंगे हो गए
3. छोटे किसानों को सहारा – जिनके पास पूंजी नहीं है
4. ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करना – किसान के पास पैसा आएगा तो गाँव की दुकानों पर खर्च होगा
काकू ने सिर हिलाया और बोले – “तो बेटा, ये पैसा गाँव की रौनक लौटाएगा।”
🔮 भविष्य में क्या हो सकता है?
ब्लॉक ऑफिस के साहब ने बताया कि आगे चलकर:
- राशि और बढ़ सकती है (अगर योजना सफल रही)·
- अलग पोर्टल लॉन्च हो सकता है (कर्पूरी ठाकुर योजना के लिए)
- पात्रता में बदलाव हो सकता है (नए नियम जुड़ सकते हैं)
रामसागर काकू ने कहा – “तो बेटा, जब तक चले, उठा लो। हमारी तो उम्र ही कितनी है।” मैंने कहा – काकू, आप तो 100 साल जिएंगे और 100 फसलें उगाएंगे!
🌟 इस योजना का किसानों पर असर

मैंने अपने गाँव के कुछ किसानों से बात की:
रामसागर काकू (65 साल, 2 एकड़ जमीन):”बेटा, ₹9000 सालाना मतलब दो बोरी यूरिया खाद मुफ्त। या फिर अच्छे बीज खरीद सकूंगा।
“श्यामलाल जी (58 साल, 5 एकड़ जमीन):”पिछले साल ओले पड़ गए थे, फसल बर्बाद। ऐसे में ये पैसा संजीवनी बूटी का काम करेगा।
“फुलवा देवी (50 साल, महिला किसान):”बेटी की शादी पर लोन लेना पड़ता, अब शायद न लेना पड़े। अपने पैसे से करूंगी थोड़ा-बहुत इंतजाम।
“मेरी नज़र में, ये योजना सिर्फ पैसे देने का ज़रिया नहीं, बल्कि किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम है।
⚠️ जरूरी सुझाव (ध्यान रखें)
अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो ये बातें हमेशा याद रखें:
✅ PM किसान का KYC समय पर कराएं – हर साल जरूरी है
✅ बैंक खाता एक्टिव रखें – अगर खाता बंद हुआ तो पैसा नहीं आएगा
✅ जमीन के कागज अपडेट रखें – नाम, खेसरा, रकबा सही हो
✅ मोबाइल नंबर वही रखें जो बैंक और आधार में है
✅ ग्राम सेवक या सीएससी सेंटर से संपर्क बनाए रखें
❌ बिचौलियों के झांसे में न आएं – कोई एजेंट नहीं लगता
❌ पैसे देकर फॉर्म न भरवाएं – सीएससी पर मामूली फीस लगती है
❌ फर्जी वेबसाइट से बचें – सरकारी वेबसाइट ही इस्तेमाल करें
🏁 आखिरी बात: मेरी राय
देर रात तक रामसागर काकू से बातें होती रहीं। चाय की चुस्कियाँ लेते हुए उन्होंने कहा – “बेटा, हम किसानों की जिंदगी बड़ी कठिन है। धूप में जलते हैं, बारिश में भीगते हैं, पर कभी फरियाद नहीं करते। इस योजना ने लगा दिल बाग-बाग हो गया।
“मैंने सोचा – सच में, जब किसान खुश होगा, तो देश खुश होगा। ये ₹3000 अतिरिक्त उनके लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि सम्मान है। कर्पूरी ठाकुर जी, जो खुद किसानों के मसीहा थे, उनके नाम पर योजना शुरू करना बड़े अर्थ रखता है। तो अगर आप भी बिहार के किसान हैं, तो देर न करें। अपना PM किसान रजिस्ट्रेशन चेक करें, KYC पूरा करें, जमीन के कागज ठीक रखें। बाकी सब सरकार ऑटोमैटिक कर देगी।
यही वो सुनहरा मौका है जो आपकी खेती की रौनक बदल सकता है। क्योंकि जब किसान के हाथ में पैसा होगा, तो खेत हरे-भरे रहेंगे और चूल्हा भी जलता रहेगा। 💚
- 🌾किसानों का सम्मान, तो देश का सम्मान! 🇮🇳





