1 फरवरी 2026, वह दिन था जब मैं और मेरे जैसे लाखों लोगों की नज़रें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी थीं। जब उन्होंने केंद्रीय बजट पेश किया, तो मेरे मन में बस एक ही सवाल था, क्या इस बार यह बजट मेरे महीने के अंत को आसान बना पाएगा? क्या यह मेरे घर या नई गाड़ी के सपने को थोड़ा और करीब लाएगा। मैं जानता हूँ कि यह सिर्फ कागजों में लिखे आँकड़े नहीं हैं। यह सीधा मेरी जेब, मेरी रोज़ की जद्दोजहद और मेरे भविष्य के प्लानों से जुड़ा हुआ है।
देश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देने के साथ-साथ आम आदमी और मिडिल क्लास की जेब, ज़िंदगी और जुगाड़ पर सीधा असर डालने वाला माना जा रहा है। इसमें करों से लेकर योजनाओं तक, खर्च से लेकर बचत तक हर वो मोड़ शामिल है, जो आपकी आर्थिक हालात बदल सकता है। इस आर्टिकल में हम आपके लिए सीधी भाषा में बताएंगे कि बजट 2026 में आख़िर क्या नया हुआ, और यह आपके घर के बजट, सपनों और चुनौतियों पर कैसे असर डालेगा।
बजट के पीछे की सोच यह मेरी और आपकी अर्थव्यवस्था को कैसे बदलेगा?
पहले यह समझना ज़रूरी है कि बजट 2026 का मूल मकसद क्या है। सरकार की कोशिश मुख्य रूप से इन चार बातों पर केंद्रित है:
1. देश की ग्रोथ रेट को बरकरार रखना और आधुनिक टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंडिया को और तेज़ करना।
2. मिडिल क्लास और आम आदमी की खरीदने की ताकत बढ़ाना कहीं सीधे टैक्स में छूट देकर, तो कहीं रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम कम करके।
3. नौकरियाँ बढ़ाने, इन्फ्रास्ट्रक्चर (सड़क, रेल, हवाई अड्डे), स्वास्थ्य और शिक्षा पर खास ध्यान देना।
4. किसान, छोटे-मझोले उद्योग (MSME), गाँव और सामाजिक कल्याण की योजनाओं के ज़रिए हर वर्ग का विकास सुनिश्चित करना।
जब मैंने सुना कि कुल बजट ₹52.65 लाख करोड़ का है और उसमें से सिर्फ ₹12.2 लाख करोड़ से ज़्यादा पूंजीगत खर्च (Capex) के लिए रखा गया है, तो मेरे लिए यह एक बहुत स्पष्ट संदेश था। मुझे लगता है, सरकार हमारी सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और डिजिटल नेटवर्क को और बेहतर बनाने पर गंभीरता से ध्यान दे रही है।
मेरे हिसाब से, यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं। इसका मतलब यह है कि मेरे और आपके शहर में बेहतर सड़कें बनेंगी, हमारी ट्रेनें तेज और आरामदायक होंगी, और देश भर में नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे। एक मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर का मतलब है हमारा भविष्य और अधिक सुरक्षित और तरक्की से भरा होगा। यह निवेश सीधे तौर पर हमारी अर्थव्यवस्था को गति देगा और हम सभी के जीवन को आसान बनाएगा।
बजट 2026 मिडिल क्लास की टैक्स उम्मीदें पूरी हुईं या धरी रह गईं?
मैं और मेरे जैसे तमाम लोग हर बजट में यही उम्मीद लगाए बैठे रहते हैं कि इस बार टैक्स में कुछ छूट मिलेगी। पर इस बार भी वही हुआ इनकम टैक्स के स्लैब वही के वही रह गए हैं। मेरी जेब पर कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला। स्टैण्डर्ड डिडक्शन की सीमा भी नहीं बढ़ी, यानी इस मोर्चे पर भी कोई राहत नहीं मिली।
हाँ, एक बात ज़रूर अच्छी हुई है नया इनकम टैक्स एक्ट लाने का ऐलान हुआ है। अगर यह सचमुच टैक्स भरने की प्रक्रिया को सीधा और आसान बना देता है, तो यह हम जैसे लोगों के लिए एक बड़ी राहत की बात होगी। फिलहाल तो टैक्स का बोझ वही है, बस उसे भरने का तरीका शायद थोड़ा सरल हो जाए।
| वार्षिक आय (₹ में) | नई व्यवस्था (New Tax Regime) | पुरानी व्यवस्था (Old Tax Regime) |
| 0 – 2,50,000 | शून्य (0%) | शून्य (0%) |
| 2,50,001 – 3,00,000 | शून्य (0%) | 5% (कटौतियों, जैसे 80C, का लाभ उपलब्ध) |
| 3,00,001 – 5,00,000 | 5% | 5% |
| 5,00,001 – 6,00,000 | 5% | 20% |
| 15,00,000 से अधिक | 30% | 30% |
अगर आपकी कोई बड़ी बचत या लोन (जैसे LIC या होम लोन) नहीं है, तो नई टैक्स व्यवस्था आपको कम टैक्स देनी पड़ सकती है क्योंकि इसमें कम दरें हैं और हिसाब-किताब आसान है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से पीपीएफ, बीमा, होम लोन जैसी चीज़ों में पैसा लगाते हैं, तो पुरानी व्यवस्था में इन पर मिलने वाली कटौतियों का फायदा लेकर आप ज़्यादा टैक्स बचा सकते हैं। India Budget Portal: indiabudget.gov.in
👉 आप पर क्या असर पड़ेगा?
अगर मैं सीधे शब्दों में कहूं तो मध्यम वर्ग के लोगों को टैक्स स्लैब में कोई सीधी राहत नहीं मिली। आपकी सैलरी, बोनस या आय पर अभी भी टैक्स का दबाव पहले जैसा ही रहेगा। हालाँकि, नया टैक्स ऐक्ट अगर सही से लागू हुआ, तो भविष्य में टैक्स भरने की प्रक्रिया आसान ज़रूर हो सकती है।
क्या रोज़ की ज़रूरतों पर टैक्स कम हुआ, अब महंगाई से कुछ राहत मिलेगी क्या?
बजट ने कुछ अप्रत्यक्ष करों (Indirect Taxes) में ठोस कटौती करके मिडिल क्लास को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में सीधी राहत देने का रास्ता खोला है:
1 TCS में कटौती विदेश जाने या पढ़ाई-इलाज का खर्च घटाविदेश यात्रा, पढ़ाई और मेडिकल ट्रीटमेंट पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) को 5% से घटाकर सिर्फ 2% कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब विदेश में पढ़ने, इलाज कराने या घूमने जाने पर आपकी जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त टैक्स का बोझ कम होगा। यह खासकर उन मिडिल क्लास परिवारों के लिए कैश फ्लो में सीधी राहत है, जो विदेश में बच्चों की पढ़ाई या ज़रूरी इलाज का खर्च उठाते हैं।
2 कस्टम ड्यूटी में राहत दवाइयाँ और ज़रूरी सामान हुए सस्तेसरकार ने कई जीवनरक्षक दवाओं (जैसे कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों) पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी है। इससे इलाज का खर्च कम होगा और स्वास्थ्य सेवाएँ ज्यादा सुलभ होंगी। साथ ही, मोबाइल बैटरी, माइक्रोवेव के पुर्जे, सोलर ग्लास जैसे उपभोक्ता सामानों पर भी ड्यूटी कम की गई है, जिससे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा से जुड़े उत्पाद थोड़े सस्ते होंगे।
👉 आप पर क्या असर होगा?
कुल मिलाकर, इन अप्रत्यक्ष करों में राहत से मिडिल क्लास को रोज़मर्रा के खर्चों में कुछ बचत होने की उम्मीद है, खासकर स्वास्थ्य, घरेलू उपकरण और विदेश से जुड़े खर्चों पर। ये बदलाव सीधे आपके महीने के बजट पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं।
बजट 2026 आपके बच्चों की पढ़ाई और परिवार की सेहत पर क्या असर पड़ेगा?
बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर बड़ा फ़ोकस किया गया है, और इसका सीधा फ़ायदा मिडिल क्लास के परिवारों को मिलेगा।
1. स्वास्थ्य पर बढ़ा खर्च: बीमारी अब कम भारी पड़ेगी स्वास्थ्य के लिए ₹1.06 लाख करोड़ की राशि रखी गई है, जो पिछले साल से 10% ज़्यादा है। इसमें कई ज़रूरी कदम शामिल हैं:·
- टेली-आईसीयू (Tele-ICU) को 500 जिलों तक बढ़ाया जाएगा, ताकि दूर-दराज़ के इलाकों में भी गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ सलाह मिल सके।
- राष्ट्रीय टेली-मेंटल हेल्थ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ मुफ़्त या सस्ती मिलेंगी।
- ट्रॉमा सेंटर्स की संख्या 50% बढ़ाई जाएगी, ताकि आपातकालीन मामलों में तुरंत बेहतर इलाज मिल सके।
सबसे बड़ी राहत: 17 कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे इलाज का खर्च काफ़ी कम होगा।
2. शिक्षा और कौशल: बच्चों का भविष्य अब और मजबूत शिक्षा के लिए ₹1.39 लाख करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें नई योजनाएँ भी शामिल हैं:· हर जिले में लड़कियों के लिए STEM हॉस्टल (Girls’ STEM Hostels) बनाए जाएंगे, ताकि विज्ञान-तकनीक की पढ़ाई में लड़कियों की भागीदारी बढ़े।
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को और मजबूत किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार से जुड़े हुनर सीखने में मदद मिलेगी।
👉 आपके परिवार पर क्या असर होगा?
कुल मिलाकर, इस बजट से मिडिल क्लास परिवारों को दोहरा लाभ मिलेगा:·
- स्वास्थ्य खर्च (खासकर कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज) अब पहले से कम महंगा होगा।
- बच्चों की पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन और अवसर उपलब्ध होंगे।
बिजली बचाओ, पैसे बचाओ बजट में ऊर्जा पर क्या खास है?
बजट ने आम लोगों की रोज़ाना बिजली की मुश्किल को सुलझाने के लिए ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं पर खास ध्यान दिया है
PM सूर्य घर योजना। More……..
अब घर की छत से बिजली पैदा करें, बिल कम करें। बजट में सोलर पैनल पर सब्सिडी बढ़ाई गई है, ताकि आप आसानी से अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवा सकें। इससे न सिर्फ आप अपनी बिजली खुद बना पाएँगे, बल्कि हर महीने के बिजली बिल में भी कमी आएगी। सोलर ऊर्जा अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला खर्च नहीं, बल्कि एक बुद्धिमान निवेश बन जाएगा।
👉 इसका असर:
मिडिल क्लास परिवारों को बिजली बिल से राहत मिलेगी और साल दर साल ऊर्जा का खर्च कम होगा। एक बार निवेश करने के बाद घर की छत आपके लिए लंबे समय तक कम खर्च में बिजली पैदा करने का जरिया बनेगी।
बजट 2026 क्या बढ़ेंगी नौकरियाँ? क्या सुधरेगी सड़कें? क्या बदलेगी आपकी जीवनशैली?
1. आधारभूत ढाँचे पर बड़ा फ़ोकस सड़क, रेल, मेट्रो का जाल बढ़ेगा। बजट में ₹12.2 लाख करोड़ की राशि आधारभूत ढाँचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विस्तार के लिए रखी गई है। इसमें कई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (जैसे दिल्ली-वाराणसी) शुरू किए जाएँगे, साथ ही सड़कों, रेल नेटवर्क और मेट्रो व्यवस्था को भी बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाया जाएगा।
👉 आप पर असर:·
- यात्रा के बेहतर और तेज़ विकल्प मिलेंगे।
- आने-जाने का समय कम होगा।
- ट्रांसपोर्ट का खर्च घटेगा जो वीकेंड ट्रिप, छोटे कारोबार और रोज़ की आवाजाही के लिए राहत लाएगा।
2. रोजगार के नए दरवाज़े खुलेंगे MSME और बड़े उद्योगों को मदद। बजट में MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) क्षेत्र के लिए ₹10,000 करोड़ के ग्रोथ फंड की घोषणा की गई है। साथ ही, बड़े उद्योगों को भी समर्थन दिया जाएगा, जिससे नई नौकरियाँ पैदा होंगी।
👉 आप पर असर:·
- मिडिल क्लास के युवाओं और नौकरी चाहने वालों को रोज़गार मिलने के अवसर बढ़ेंगे।
- छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
किसानों और ग्रामीण भारत के लिए बजट क्या मिला नया?
बजट 2026 ने सिर्फ़ शहरी मिडिल क्लास ही नहीं, बल्कि गाँवों और किसानों को भी सीधे लाभ पहुँचाने वाली कई योजनाएँ पेश की हैं।
PM किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी more……..
कुछ राज्यों में सालाना सहायता ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 तक की गई है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा। SHE-Marts के ज़रिए ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार गाँव की महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने या स्थानीय उत्पाद बेचने के लिए विशेष बाज़ार और मार्गदर्शन मिलेगा ।ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य और हथकरघा उद्योग को बढ़ावा स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और पारंपरिक हथकरघा कारीगरों के लिए अतिरिक्त धनराशि और योजनाएँ शुरू की गई हैं, ताकि गाँवों का संपूर्ण विकास हो सके।
👉 इसका असर:
इन कोशिशों से ग्रामीण मध्यम वर्ग को सीधे फ़ायदा मिलेगा चाहे वह किसान के रूप में अतिरिक्त आय हो, महिलाओं के लिए नए रोज़गार के अवसर हों, या फिर बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के रूप में। इससे गाँवों में घरेलू खर्च और बचत दोनों पर सकारात्मक असर पड़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
बजट का फाइनल असर आम नागरिक के पैसे बचेंगे या खर्च बढ़ेंगे?
1. टैक्स में सीधी राहत नहीं मिली मिडिल क्लास की बड़ी उम्मीद पूरी नहीं हुई इस बजट में इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिसका मतलब है कि मिडिल क्लास को सीधे तौर पर जेब में अतिरिक्त पैसा नहीं मिलेगा। यह कई लोगों के लिए निराशाजनक रहा।
2. लेकिन रोजमर्रा के खर्च में राहत जरूर मिली अप्रत्यक्ष रूप से बचत हुई, हालाँकि टैक्स में सीधी छूट नहीं मिली, लेकिन TCS में कटौती, कस्टम ड्यूटी हटाने, सोलर पैनल पर बढ़ी सब्सिडी और स्वास्थ्य खर्च कम होने से मिडिल क्लास के रोजमर्रा के खर्च में कमी आएगी। यानी आपकी जेब पर दबाव थोड़ा कम होगा।
3. स्वास्थ्य और शिक्षा मेरे अपने हिसाब से, स्वास्थ्य और शिक्षा में बढ़ा निवेश सीधे तौर पर मेरे और मेरे परिवार की सुरक्षा में निवेश है। जब अस्पतालों की सुविधा बेहतर होगी और दवाइयाँ सस्ती होंगी, तो मेरे परिवार की सेहत का एक बड़ा खर्च कम होगा, और मुझे आपात स्थिति के लिए कम पैसे जोड़ने की ज़रूरत पड़ेगी। वहीं, स्कूलों और कॉलेजों में गुणवत्ता बढ़ने से मेरे बच्चों का भविष्य मजबूत होगा, और शायद उनकी उच्च शिक्षा के लिए मुझे कम कर्ज लेना पड़े।
सीधे शब्दों में कहूँ तो – हाँ, इस बार बजट में मेरी जेब से सीधे टैक्स के रूप में कम पैसा नहीं निकलेगा। लेकिन अगर यह बजट मेरे रोज के खर्चे जैसे दवाई, डॉक्टर की फीस, या स्कूल की फीस को थोड़ा भी कम कर पाया, तो यह भी एक तरह की बचत ही है। यह मेरे मासिक बजट पर पड़ने वाले दबाव को कम करके मेरी वित्तीय ताकत बढ़ाएगा। यह रास्ता धीमा जरूर है, लेकिन अगर ठीक से लागू हुआ तो हमारे परिवारों की आर्थिक नींव को मजबूत कर सकता है।
निष्कर्ष
सच कहूं तो, जब मैंने सुना कि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ, तो पहले तो थोड़ी निराशा हुई। हर महीने की सैलरी स्लिप पर टैक्स की कटौती देखकर ही यह उम्मीद बनी रहती है कि कुछ बचत हो जाएगी। इसलिए यहाँ सीधा फायदा न देखकर अच्छा नहीं लगा।
लेकिन फिर, जब मैंने गौर किया कि मेरे घर में लगने वाले सोलर पैनल पर सब्सिडी बढ़ सकती है, तो लगा कि यह लंबे समय में मेरे बिजली के बिल को कम करेगा। साथ ही, स्वास्थ्य पर जोर देने से मेरे माता-पिता के मेडिकल खर्च में मदद मिल सकती है, और टीसीएस जैसे अप्रत्यक्ष करों में छूट से मेरे जैसे शौकीन लोगों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग थोड़ी सस्ती हो सकती है।
मेरे हिसाब से, इस बजट में सबसे अच्छी बात यही है कि इसने हमें “जेब भराई” से आगे की सोचने पर मजबूर किया है। यह मेरे रोज के खर्चों को कम करके और मेरे परिवार की बुनियादी सुरक्षा (स्वास्थ्य, शिक्षा) मजबूत करके, एक तरह की दीर्घकालिक वित्तीय राहत देने की कोशिश है। फिलहाल तो यह एक वादा ही लगता है, असली असर तभी पता चलेगा जब यह योजनाएं जमीन पर उतरेंगी।
नोट: यह लेख बजट 2026 के प्रारंभिक विश्लेषण पर आधारित है। कृपया किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।





