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उत्तर प्रदेश एआई मिशन 2026: प्रदेश को बनाएगा AI का राष्ट्रीय केंद्र, जानिए पूरी डिटेल

नमस्ते पिछले हफ्ते मेरे छोटे भाई का फोन आया – “भैया, सुना है उत्तर प्रदेश में AI मिशन शुरू हो रहा है। मैं भी कुछ सीखना चाहता हूँ AI के बारे में। क्या इससे हमारे जैसे छात्रों को फायदा मिलेगा?” उसकी आवाज़ में उत्सुकता और उम्मीद दोनों थी।

😊यही सवाल है प्रदेश के लाखों युवाओं का – जो आधुनिक तकनीक सीखना चाहते हैं, लेकिन सही मंच नहीं मिल पाता। इसी जरूरत को समझते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वाकांक्षी उत्तर प्रदेश एआई मिशन (Uttar Pradesh AI Mission) शुरू करने की घोषणा की है। तो चलिए, आपको इस मिशन की पूरी-पूरी जानकारी देता हूँ – जैसे मैंने अपने भाई को समझाई थी।

क्या है उत्तर प्रदेश एआई मिशन?

उत्तर प्रदेश एआई मिशन को आधिकारिक तौर पर जनवरी 2026 में लखनऊ में आयोजित “रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026” में लॉन्च किया गया था। इस सम्मेलन का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार ने IndiaAI और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से किया था। इसी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मिशन की औपचारिक घोषणा की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि जब प्रौद्योगिकी करुणा से निर्देशित होती है, तो विकास समावेशी बनता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई शासन व्यवस्था को प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय में बदलने का एक शक्तिशाली माध्यम है।

भाई ने पूछा – “भैया, इतना बड़ा-बड़ा तो समझ नहीं आता, आसान भाषा में बताओ कि ये मिशन है क्या?” मैंने समझाया – “देख, यानी सरकार चाहती है कि उत्तर प्रदेश देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा केंद्र बने। जैसे बेंगलुरू IT का हब है, वैसे ही लखनऊ AI का हब बनेगा।

बजट और वित्तीय आवंटन

राज्य सरकार ने अपने डिजिटल विजन को साकार करने के लिए आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए कुल ₹2,059 करोड़ का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 76 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाता है।भाई ने पूछा – “इतने सारे पैसे कहाँ खर्च होंगे?” तो मैंने बताया:

मदबजट आवंटन
उत्तर प्रदेश एआई मिशन₹225 करोड़
हेल्थकेयर में AI निवेश
ITI में AI लैब्स
₹2,000 करोड़ (अगले 3 वर्षों में)
₹32.82 करोड़ (49 ITI में)
साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र₹95.16 करोड़
डेटा अथॉरिटी₹100 करोड़
रोबोटिक मिशन ₹100 करोड़

भाई यह सुनकर हैरान रह गया – “इतना सारा बजट! तो ये सच में बड़ी योजना है भैया!

सरकारी समझौता और संस्थागत ढांचा

यह मिशन सिर्फ घोषणा नहीं है, बल्कि इसके लिए औपचारिक समझौता भी हो चुका है:

  • MoU: 12 जनवरी 2026 को डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (IndiaAI) और उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPDESCO), लखनऊ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • हस्ताक्षरकर्ता: श्री अनुराग यादव, प्रमुख सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और श्री अभिषेक सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, IndiaAI मिशन।
  • नोडल एजेंसी: उप्र में IndiaAI मिशन के कार्यान्वयन के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को नोडल प्रशासनिक विभाग और UPDESCO को राज्य नोडल एजेंसी नामित किया गया है।

AI लैब्स: कहाँ और कितनी?

मिशन के तहत प्रदेश में कुल 65 डेटा और AI लैब्स स्थापित करने का लक्ष्य है। भाई के लिए ये सबसे अच्छी खबर थी – “भैया, यानी हमारे पास भी AI सीखने की जगह होगी!

लैब्स की स्थितिसंख्याविवरण / लोकेशन
पूरी तरह चालू3दो NIELIT केंद्रों (लखनऊ और गोरखपुर) में; एक पीलीभीत में
स्वीकृत49ITI सहित विभिन्न संस्थानों में स्थापना का काम शुरू
प्रस्तावित13 स्थानों का चयन प्रक्रियाधीन

ये डेटा लैब्स आधुनिक AI-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होंगी, जिनमें कंप्यूटिंग संसाधन, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, क्यूरेटेड डेटासेट और AI स्किलिंग के लिए लर्निंग मॉड्यूल शामिल होंगे।

AI सिटी और AI यूनिवर्सिटी

भाई ने पूछा – भैया, AI सिटी क्या होती है? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:

  • AI सिटी: लखनऊ में देश का पहला AI सिटी विकसित किया जा रहा है, जो नवाचार और तकनीकी अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बनेगा। यह 70 एकड़ में फैला होगा और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और ग्रीन हाइड्रोजन द्वारा संचालित होगा।
  • AI यूनिवर्सिटी: उन्नाव में देश का पहला AI-सक्षम बहु-विषयक विश्वविद्यालय शुरू किया गया है।

भाई की आँखें चमक उठीं – “भैया, मैं भी AI यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहता हूँ!

AI प्रज्ञा कार्यक्रम (AI Pragya Initiative)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में AI प्रज्ञा कार्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है:

  • इस पहल के तहत 10 लाख से अधिक युवाओं को AI और डिजिटल कौशल से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
  • इसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और ‘वन एम वन बी’ जैसी वैश्विक कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ मिलकर किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों व राजकीय अधिकारियों को AI प्रशिक्षण दे रही हैं।
  • सरकार 25 लाख युवाओं को निःशुल्क AI टूल्स उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।

भाई बोला – “भैया, मुफ्त में AI सीखने का मौका! मैं तो पक्का सीखूंगा।

यू-हब (U-Hub) और स्टार्टअप इकोसिस्टम

  • स्थापना: लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में यू-हब (U-Hub) की स्थापना की जाएगी।
  • उद्देश्य: ये हब युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधन, मेंटरशिप और निवेश के अवसर उपलब्ध कराएंगे।

प्रमुख क्षेत्रों में AI का अनुप्रयोग

स्वास्थ्य सेवा (Healthcare)

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश देश में स्वास्थ्य सेवाओं में AI के उपयोग का अग्रणी राज्य बनेगा। AI का उपयोग महामारियों और वेक्टर जनित रोगों पर वास्तविक समय डेटा संग्रह के लिए किया जाएगा।

उल्लेखनीय उपलब्धियां:

  • इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी, जो कभी सालाना 1,200-1,500 बच्चों की जान लेती थी, अब राज्य में शून्य मौतें दर्ज की गई हैं।
  • तपेदिक (टीबी) के खिलाफ लड़ाई में, AI-आधारित उपकरणों का उपयोग रोगियों की पहचान करने और उपचार की निगरानी के लिए किया जा रहा है।

कृषि (Agriculture)

  • AI-आधारित समाधान राज्य में 10 लाख से अधिक किसान परिवारों की कृषि उत्पादकता में सुधार करने में मदद कर रहे हैं।
  • कृषि क्षेत्र में AI का उपयोग सटीक खेती, मौसम पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता विश्लेषण और फसलों पर कीट हमलों की पूर्व चेतावनी के लिए किया जाएगा।

भाई ने कहा – “भैया, यानी AI से किसानों को भी फायदा होगा! बहुत अच्छी बात है।

शिक्षा (Education)

स्कूल और कॉलेज स्तर पर AI आधारित शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट लर्निंग टूल्स के माध्यम से छात्रों को आधुनिक शिक्षण पद्धति का लाभ मिलेगा।

साइबर सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

  • साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र: बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए ₹95.16 करोड़ की लागत से एक नए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है।
  • यूपी स्टेटवाइड एरिया नेटवर्क-3 का विस्तार: डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए इसका विस्तार किया जाएगा।

डेटा सेंटर और डिजिटल हब

  • डेटा सेंटर क्लस्टर: प्रदेश को सुरक्षित डेटा भंडारण और क्लाउड सेवाओं का बड़ा केंद्र बनाने के लिए उत्तर प्रदेश स्टेट डेटा सेंटर और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर क्लस्टर को सुदृढ़ किया जा रहा है।
  • लक्ष्य 2030: सरकार का लक्ष्य 2030 तक अत्याधुनिक डेटा सेंटर इकोसिस्टम तैयार करना है।

अन्य प्रमुख पहलें

नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन

नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन के तहत रोबोटिक्स, ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों में अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।

रोबोटिक मिशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कार्यों को पहले मानव श्रम के कारण कठिन और जोखिमपूर्ण माना जाता था (जैसे ट्रकों पर भारी बोझ लादना या जहरीले कीटनाशकों का छिड़काव), अब उन्हें रोबोटिक्स के माध्यम से सुरक्षित और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

टेक युवा समर्थ युवा योजना

टेक युवा समर्थ युवा योजना के तहत तकनीकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार और कारोबार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

आपदा प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण

आकाशीय विद्युत से बचाव और पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए सैटेलाइट पेलोड और सेंसर की व्यवस्था की जाएगी।

शासन व्यवस्था में सुधार के अन्य प्रयास

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के अंतिम छोर तक वितरण सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है:

  • 80,000 उचित मूल्य दुकानों में ई-पीओएस मशीनों की स्थापना
  • 30 लाख फर्जी राशन कार्डों का उन्मूलन
  • 1.06 करोड़ परिवारों को DBT के माध्यम से पेंशन का सीधा भुगतान

निष्कर्ष

देखिए, उत्तर प्रदेश AI मिशन सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, यह प्रदेश के युवाओं के सपनों को पंख देने वाला मिशन है। मेरे भाई की तरह अगर आप भी AI सीखना चाहते हैं, तकनीक की दुनिया में कुछ बनना चाहते हैं, तो यह मिशन आपके लिए ही है।

मिशन की प्रमुख बातें एक नजर में:

  • बजट: ₹225 करोड़ AI मिशन के लिए
  • AI लैब्स: 65 लैब्स पूरे प्रदेश में
  • युवा प्रशिक्षण: 10 लाख+ युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा
  • AI सिटी: लखनऊ में 70 एकड़ में
  • AI यूनिवर्सिटी: उन्नाव में
  • किसान लाभ: 10 लाख किसान परिवारों तक पहुंच

भाई ने आखिर में कहा – भैया, मैं अभी से AI सीखना शुरू कर दूंगा। जैसे ही लैब खुले, मैं सबसे पहले आवेदन करूंगा।

तो देर किस बात की? अगर आप भी उत्तर प्रदेश के युवा हैं और AI की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं, तो इस मिशन पर नजर बनाए रखें। यही वो सुनहरा मौका है जो आपकी जिंदगी बदल सकता है!

💫यह लेख उत्तर प्रदेश सरकार के आगामी तकनीकी रोडमैप और प्रस्तावित डिजिटल विजन पर आधारित है।-

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