नमस्ते! पिछले हफ्ते मेरे चाचा का फोन आया – “बेटा, तुम CA हो, कुछ मदद करो। हमारी छोटी सी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। पिछले दो साल से फाइलिंग नहीं हो पाई। अब MCA से नोटिस आ गया है और लाखों रुपए जुर्माना बता रहे हैं। क्या होगा?” उनकी आवाज़ में डर और बेचैनी दोनों थी। यही हाल है हमारे देश के लाखों छोटे कारोबारियों का – फाइलिंग की समय सीमा निकल जाती है और फिर भारी जुर्माने के बोझ तले दब जाते हैं।
😔लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है! कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) ने 24 फरवरी 2026 को जारी अपने आधिकारिक ‘सामान्य परिपत्र संख्या 01/2026′ (General Circular No. 01/2026) के जरिए एक ऐसी योजना पेश की है जो डिफॉल्टर कंपनियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है –
कंपनीज़ कम्प्लायंस फैसिलिटेशन स्कीम, 2026 (CCFS-2026)। मैंने खुद मंत्रालय की इस अधिसूचना को विस्तार से पढ़ा और अपने चाचा को समझाया। तो चलिए, आपको भी इस सरकारी योजना की पूरी-पूरी जानकारी देता हूँ।
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क्या है यह योजना और क्यों लाई गई है?
यह योजना वास्तव में एक “एक बार की माफी योजना” (One-time Amnesty Scheme) है। इसे कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 403 और 460 के तहत लाया गया है।चाचा ने पूछा – “बेटा, यह सब पढ़ा-लिखा तो समझ नहीं आता, आसान भाषा में बता।
मैंने समझाया – “देखिए चाचा, अगर कोई कंपनी अपना वार्षिक रिटर्न या वित्तीय विवरण समय पर दाखिल नहीं करती है, तो उस पर ₹100 प्रति दिन के हिसाब से लेट फीस देनी पड़ती है, जिसकी कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यह राशि अक्सर मूल फीस से कहीं ज्यादा हो जाती है। इस योजना के तहत सरकार इसी भारी-भरकम जुर्माने में भारी छूट दे रही है।
योजना की अवधि: कब से कब तक मिलेगा लाभ?
चाचा ने पूछा – “बेटा, यह योजना कब तक है? जल्दी बता, ताकि समय पर काम कर सकें।”
- योजना कब शुरू होगी: 15 अप्रैल 2026
- योजना कब बंद होगी: 15 जुलाई 2026
यह योजना एक सीमित अवधि के लिए ही लागू रहेगी। 15 जुलाई 2026 के बाद डिफॉल्टर कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
इस योजना के तीन मुख्य रास्ते और फायदे
यह योजना हर तरह की कंपनी की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाई गई है। चाचा ने कहा – “बेटा, हमारी कंपनी तो चल रही है, बस फाइलिंग लंबित है। क्या करना होगा?” मैंने समझाया कि तीन रास्ते हैं:
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रास्ता 1: सक्रिय कंपनियों के लिए नियमितीकरण
यह उन कंपनियों के लिए है जो अभी भी काम कर रही हैं, लेकिन पिछले सालों की फाइलिंग लंबित पड़ी है।
- कितनी छूट मिलेगी? लंबित फाइलिंग को पूरा करने पर जितना अतिरिक्त शुल्क बनता है, उसमें से 90% माफ कर दिया जाएगा।
- कितना देना होगा? कंपनी को सिर्फ 10% अतिरिक्त शुल्क के साथ सामान्य फाइलिंग फीस देनी होगी।
चाचा को समझ नहीं आया तो मैंने उदाहरण दिया – मान लीजिए किसी कंपनी पर ₹1,00,000 लेट फीस बनती है। उसे सिर्फ ₹10,000 देकर अपनी फाइलिंग पूरी करनी होगी। चाचा की आँखें खुली की खुली रह गईं।
रास्ता 2: निष्क्रिय कंपनियों के लिए ‘सुप्त’ (Dormant) का दर्जा
अगर आपकी कंपनी लंबे समय से बंद है और आप उसे चालू रखना नहीं चाहते, तो आप उसे “सुप्त कंपनी” घोषित करवा सकते हैं। इससे हर साल रिटर्न भरने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
- क्या करना होगा? फॉर्म MSC-1 दाखिल करना होगा।
- कितना खर्च? सामान्य शुल्क का सिर्फ 50% देना होगा।
रास्ता 3: बंद हो चुकी कंपनियों के लिए ‘स्ट्राइक-ऑफ‘
अगर आपकी कंपनी पूरी तरह बंद है और आप उसे खत्म करके सरकार के रजिस्टर से नाम हटवाना चाहते हैं, तो यह रास्ता है।
- क्या करना होगा? फॉर्म STK-2 दाखिल करना होगा।·
- कितना खर्च? सामान्य शुल्क का सिर्फ 25% देना होगा।
कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा (Immunity from Prosecution)
यह योजना का सबसे अहम हिस्सा है। चाचा ने पूछा – “बेटा, हमें नोटिस आ गया है, क्या अब भी कोई फायदा है?
इस योजना के तहत फाइलिंग करने पर आपको उसी फाइलिंग में देरी के कारण होने वाली कानूनी कार्यवाही से सुरक्षा मिल जाती है। इसके लिए दो शर्तें हैं:
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1. शर्त 1: अगर अभी तक आपको कोई नोटिस नहीं मिला है, तो आप फाइलिंग करके सीधे इस सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे।
2. शर्त 2: अगर आपको नोटिस मिल चुका है, तो भी घबराएं नहीं। नोटिस मिलने के 30 दिनों के अंदर अगर आप फाइलिंग कर देते हैं, तो भी आपको यह सुरक्षा मिलेगी।
चाचा ने राहत की सांस ली – “बेटा, अभी नोटिस मिले 15 दिन ही हुए हैं, हम बच सकते हैं!”
कौन-कौन से फॉर्म होंगे कवर?
यह योजना कंपनी अधिनियम, 2013 और 1956 के तहत आने वाले कई फॉर्मों को कवर करती है।
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अधिनियम 2013 के तहत:
- · AOC-4: वित्तीय विवरण
- · AOC-4 XBRL, AOC-4 CFS, AOC-4 NBFC: विशेष कंपनियों के लिए फॉर्म
- · MGT-7: वार्षिक रिटर्न
- · MGT-7A: वन-पर्सन कंपनी और छोटी कंपनी के लिए सरलीकृत फॉर्म
- · ADT-1: ऑडिटर की नियुक्ति
- · FC-3, FC-4: विदेशी कंपनियों से जुड़े फॉर्म
अधिनियम 1956 के तहत:
- · फॉर्म 20B, 21A, 23AC, 23ACA, 23AC-XBRL, 23ACA-XBRL, 66, 23B आदि।
किन कंपनियों को योजना से बाहर रखा गया है?
हर कंपनी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकती। नीचे दी गई श्रेणियों की कंपनियां इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी:
- जिन कंपनियों के खिलाफ ROC ने पहले ही स्ट्राइक-ऑफ की कार्यवाही शुरू कर दी है।
- जिन कंपनियों ने योजना शुरू होने से पहले ही डॉरमेंट स्टेटस या स्ट्राइक-ऑफ के लिए आवेदन कर दिया है।·
- विलुप्त (Vanishing) कंपनियां या जो पहले ही भंग (Dissolved) हो चुकी हैं
कैसे करें आवेदन? (चरणबद्ध प्रक्रिया)
चाचा ने पूछा – “बेटा, यह सब समझ गए, अब बता आवेदन कैसे करना है?” मैंने उन्हें स्टेप-बाय-स्टेप समझाया:
स्टेप 1: अपनी कंपनी की स्थिति का आकलन करें – सक्रिय, निष्क्रिय या बंद?
स्टेप 2: सही रास्ता और फॉर्म चुनें:
- नियमितीकरण के लिए – लंबित फाइलिंग (AOC-4, MGT-7 आदि) पूरी करें
- डॉरमेंट स्टेटस के लिए – MSC-1 फॉर्म भरें
- स्ट्राइक-ऑफ के लिए – STK-2 फॉर्म भरें
स्टेप 3: डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) और लॉगिन तैयार रखें।
सुनिश्चित करें कि कंपनी के अधिकृत निदेशक के पास वैध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट है और MCA पोर्टल पर कंपनी के लॉगिन क्रेडेंशियल तैयार हैं।
स्टेप 4: आवश्यक दस्तावेज तैयार करें:
- · पिछले वर्षों के ऑडिटेड वित्तीय विवरण
- वार्षिक रिपोर्ट
- · निदेशकों की रिपोर्ट
- · बोर्ड की बैठकों के मिनट्स
- फॉर्म ADT-1 (अगर ऑडिटर की नियुक्ति लंबित हो)
स्टेप 5: शुल्क की गणना करें:
- · सक्रिय कंपनियों के लिए: कुल बकाया अतिरिक्त शुल्क का सिर्फ 10%
- · डॉरमेंट स्टेटस के लिए: सामान्य फाइलिंग फीस का 50%
- · स्ट्राइक-ऑफ के लिए: सामान्य फाइलिंग फीस का 25%
चाचा के लिए उदाहरण: ABC प्राइवेट लिमिटेड पर वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 के AOC-4 और MGT-7 के लिए ₹2,00,000 अतिरिक्त शुल्क बनता है। CCFS-2026 के तहत उसे सिर्फ ₹20,000 (10%) देकर फाइलिंग पूरी करनी होगी।
स्टेप 6: MCA पोर्टल (www.mca.gov.in) पर लॉगिन करें और संबंधित फॉर्म भरें।
स्टेप 7: गणना की गई राशि का ऑनलाइन भुगतान करें।
स्टेप 8: फाइलिंग की पुष्टि और रसीद सुरक्षित रखें।
स्टेप 9: कानूनी सुरक्षा (Immunity) सुनिश्चित करें।
महत्वपूर्ण सुझाव
चाचा को विदा करते समय कुछ जरूरी बातें समझाईं:
- समय सीमा का ध्यान रखें: योजना 15 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक ही लागू है। इसके बाद कोई राहत नहीं मिलेगी।
- पेशेवर मदद लें: फॉर्म भरते समय किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या कंपनी सेक्रेटरी की मदद लेना फायदेमंद रहेगा।
- सभी फॉर्म एक साथ फाइल करें: कोशिश करें कि सभी लंबित फॉर्म एक साथ ही फाइल कर दें।
- अपडेट रहें: MCA की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
निष्कर्ष: एक सुनहरा अवसर, न चूकें!
देखिए, कंपनीज़ कम्प्लायंस फैसिलिटेशन स्कीम, 2026 उन सभी डिफॉल्टर कंपनियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मैंने खुद अपने चाचा को देखा है – पहले जो नोटिस आने से डरते थे, आज वो खुद दूसरे कारोबारियों को बता रहे हैं कि कैसे इस योजना से बच सकते हैं।
यह योजना न सिर्फ आपको भारी जुर्माने से बचाती है, बल्कि आपको भविष्य की कानूनी कार्यवाही से भी सुरक्षा प्रदान करती है। मेरी राय में अगर आपकी कंपनी का कोई फाइलिंग लंबित है, तो यह समय है झटपट अपने सलाहकार से संपर्क करने का और 15 जुलाई 2026 से पहले
इस योजना का लाभ उठाकर अपनी कंपनी के अनुपालन को पूरी तरह साफ (Compliant) कर लेने का। अभी फरवरी का अंत है, आपके पास 15 अप्रैल तक का समय है अपने पुराने रिकॉर्ड्स और ऑडिटेड बैलेंस शीट तैयार करने का। ऐन वक्त पर भागदौड़ से बचने के लिए अभी से तैयारी शुरू करें।
यही वो सुनहरा मौका है जो आपके व्यवसाय को बड़ी मुसीबत से बचा सकता है। जल्दी कीजिए, वरना मौका हाथ से निकल जाएगा! 💫
डिस्क्लेमर:
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी फाइलिंग से पहले आधिकारिक अधिसूचना (General Circular 01/2026) को ध्यान से पढ़ें या अपने प्रोफेशनल सलाहकार से परामर्श लें।




