नमस्ते! पिछले महीने असम के बारपेटा जिले में रहने वाली मेरी मौसेरी बहन रिंकी का फोन आया – दादा, BA सेकेंड ईयर में हूँ, पर पापा बोल रहे हैं अब आगे नहीं पढ़ा पाएंगे। दो बहनों की शादी भी करनी है। उसकी आवाज़ में बहुत उदासी थी। कितनी मेहनत करती है वो, सुबह 4 बजे उठकर पढ़ती है, फिर घर के काम, फिर कॉलेज। लेकिन पैसों की तंगी के आगे सपने बौने हो जाते हैं।
तभी मुझे असम सरकार की Nijut Moina Scheme के बारे में पता चला। मैंने तुरंत रिंकू को फोन लगाया और सारी जानकारी दी। अब वो बहुत खुश है। तो चलिए, आपको भी इस योजना की पूरी-पूरी जानकारी देता हूँ, बिल्कुल वैसे ही जैसे मैंने रिंकू को समझाया था।
🔥 Nijut Moina Scheme क्या है? (बिल्कुल आसान भाषा में)
ये योजना खासतौर पर असम की उन छात्राओं के लिए है जो 11वीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई कर रही हैं। कई परिवारों में आर्थिक तंगी की वजह से लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही रोक दी जाती है। कभी कहते हैं – बहुत पढ़ लिया, अब घर बैठो। कभी कहते हैं – भैया की पढ़ाई में खर्चा हो गया, बेटी को आगे नहीं पढ़ा सकते।
इस योजना के तहत सरकार हर महीने छात्राओं के बैंक खाते में सीधे पैसे भेजती है ताकि वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। रिंकू तो ये सुनते ही खुश हो गई – “दादा, अब तो पापा को मनाना आसान हो जाएगा!”
💰 कितने पैसे मिलते हैं? (राशि का पूरा ब्यौरा)
छात्रा जिस कक्षा में पढ़ रही है, उसके हिसाब से राशि तय की गई है।
- 11वीं और 12वीं की छात्राओं को हर महीने ₹1,000 मिलते हैं।
- ग्रेजुएशन करने वाली बेटियों को ₹1,250 हर महीने दिए जाते हैं।
- वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही छात्राओं को सबसे ज्यादा ₹2,500 प्रति माह मिलते हैं।
ये पैसा हर महीने सीधे छात्रा के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए आता है। कोई बिचौलिया नहीं, कोई कटौती नहीं। सरकार ने 2026 में इस प्रक्रिया को और पारदर्शी बना दिया है।
🎯 क्यों शुरू की गई ये योजना? (सरकार का मकसद)
मैंने ऑफिशियल वेबसाइट पढ़ी और गुवाहाटी में रहने वाले अपने दोस्त जितेन से बात की, जो एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के चार मुख्य उद्देश्य हैं।
- पहला और सबसे अहम – लड़कियों की पढ़ाई रोकने की नौबत न आए। आर्थिक तंगी सबसे बड़ी वजह है जिससे बेटियाँ स्कूल-कॉलेज छोड़ देती हैं।
- दूसरा – बाल विवाह पर रोक लगाना। जब लड़की पढ़ रही होगी और उसके खाते में पैसे आ रहे होंगे, तो कोई उसकी शादी जल्दी नहीं करेगा।
- तीसरा – महिला सशक्तिकरण। पढ़ी-लिखी बेटियाँ ही समाज को आगे बढ़ाएंगी।
- चौथा – ड्रॉपआउट रेट कम करना। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाली लड़कियों की संख्या घटाना।
मेरी नज़र में सबसे अहम उद्देश्य है – बेटियों के सपनों को पंख देना। 💫
📝 पात्रता: कौन-कौन ले सकता है लाभ?
रिंकू ने मुझसे पूछा – “दादा, क्या मैं इस योजना के लिए पात्र हूँ?” तो मैंने उसे सारी शर्तें समझाईं।
- सबसे पहले तो छात्रा असम की स्थायी निवासी होनी चाहिए। बाहर की किसी लड़की को ये लाभ नहीं मिलेगा।
- दूसरी शर्त – 11वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ रही हो। यानी हायर सेकेंडरी से लेकर पीजी तक की सभी छात्राएँ आवेदन कर सकती हैं।
- तीसरी शर्त – किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज में एडमिशन होना चाहिए। मान्यता प्राप्त संस्थान की ही मार्कशीट मान्य होगी।
- चौथी शर्त – छात्रा का बैंक खाता होना चाहिए और वो आधार कार्ड से लिंक हो। पैसा सीधे इसी खाते में आएगा।पाँ
- चवीं शर्त – परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के अंदर होनी चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
रिंकू ने चैन की साँस ली – उसके पापा की सालाना कमाई 2 लाख के आसपास है, तो वो पात्र है।
📄 क्या-क्या कागज चाहिए?
| दस्तावेज का नाम | क्यों जरूरी है? |
| आधार कार्ड | पहचान प्रमाण |
| बैंक पासबुक | खाता सत्यापन |
| एडमिशन प्रमाण पत्र | पढ़ाई का सबूत |
| मार्कशीट | शैक्षणिक योग्यता |
| निवास प्रमाण पत्र | असम निवासी साबित करने के लिए |
| पासपोर्ट साइज फोटो | आवेदन फॉर्म के लिए |
| मोबाइल नंबर | OTP और अपडेट के लिए |
रिंकू को सलाह दी कि वो सारे कागज स्कैन करके अपने फोन में रख ले, ताकि ऑनलाइन फॉर्म भरने में आसानी हो।
🖐️ कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? (स्टेप-बाय-स्टेप)
अब सबसे अहम बात – आवेदन कैसे करना है? मैंने रिंकू को स्टेप-बाय-स्टेप समझाया।
स्टेप 1: सबसे पहले असम के उच्च शिक्षा निदेशालय असम सरकार की मुख्य वेबसाइट assam.gov.in से भी लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 2: वहाँ “Nijut Moina Scheme 2026” के लिंक पर क्लिक करना है। “नया रजिस्ट्रेशन” या “New Registration” का ऑप्शन होगा, उस पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अपना मोबाइल नंबर, नाम और ईमेल आईडी देकर रजिस्ट्रेशन करें। एक OTP आएगा, उसे डालकर वेरिफाई करें
स्टेप 4: रजिस्ट्रेशन के बाद मिले यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
स्टेप 5: अब आवेदन फॉर्म खुलेगा। इसमें अपनी पर्सनल जानकारी, शैक्षणिक जानकारी और बैंक डिटेल सही-सही भरें।
स्टेप 6: सारे दस्तावेज स्कैन करके तय फॉर्मेट में अपलोड करें।
स्टेप 7: सब कुछ चेक करने के बाद सबमिट बटन दबाएँ। आवेदन नंबर नोट कर लें, भविष्य में स्टेटस चेक करने के लिए काम आएगा।
रिंकू ने तुरंत अपने मोबाइल से चेक किया और बोली – “दादा, कल ही फॉर्म भर दूँगी!”
💸 पैसा कब आएगा? (भुगतान तिथि 2026)
ये सवाल रिंकू ने भी पूछा – “दादा, फॉर्म भरने के कितने दिन बाद पैसा मिलेगा?”
जितेन ने बताया कि आवेदन अप्रूव होने के 30 से 60 दिनों के अंदर पहली किस्त आ जाती है। उदाहरण के लिए अगर किसी छात्रा का आवेदन जून 2026 में अप्रूव होता है, तो जुलाई या अगस्त 2026 से पैसा आना शुरू हो जाएगा।
पैसा हर महीने 10 से 15 तारीख के बीच बैंक खाते में आता है। DBT के जरिए सीधा ट्रांसफर होता है, इसलिए देरी की संभावना बहुत कम है।
पैसा आया या नहीं ये चेक करने के लिए बैंक पासबुक देख सकते हैं, नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप में देख सकते हैं, या फिर ऑफिशियल पोर्टल पर लॉगिन करके स्टेटस चेक कर सकते हैं।
✅ चयन कैसे होता है?
बहुत सी लड़कियों के मन में ये सवाल होगा कि चयन कैसे होता है। जितेन ने बताया कि ये प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है। पहले आवेदन की जांच होती है। फिर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। उसके बाद जिस संस्थान में छात्रा पढ़ रही है, वहाँ से पुष्टि की जाती है। अंत में बैंक खाते का वेरिफिकेशन होता है। सब कुछ सही पाए जाने पर ही आवेदन अप्रूव होता है और पैसा आना शुरू होता है।
🏦 2026 में क्या नया है?
इस साल सरकार ने कई अहम बदलाव किए हैं। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बना दिया गया है। अब कागजों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। DBT सिस्टम को और मजबूत किया गया है ताकि पैसा समय पर खाते में पहुँचे। 2026 बैच की नई छात्राओं के लिए भी आवेदन शुरू हो गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 10 लाख से ज्यादा छात्राओं को इस योजना का लाभ मिले।
🎉 इस योजना से क्या फायदा होगा?
रिंकू ने पूछा – “दादा, इस योजना से असल में क्या बदलेगा?”
मैंने समझाया – देख रिंकू, तुम्हारी तरह हजारों लड़कियाँ हैं जो पढ़ना चाहती हैं पर पैसे नहीं हैं। ये ₹1,000 या ₹2,500 उनके लिए बहुत बड़ा सहारा बनेंगे।इस पैसे से वे किताबें खरीद सकती हैं, कोचिंग जॉइन कर सकती हैं, बस का किराया निकाल सकती हैं। सबसे बड़ी बात – उन्हें अपने पापा या भैया के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।
जब लड़की के खाते में खुद के पैसे आएंगे, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा। वो समाज में अपनी अलग पहचान बना पाएगी।
⚠️ याद रखने वाली जरूरी बातें
कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखिए।आवेदन करते समय सारी जानकारी सही-सही भरें। गलती हुई तो आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। बैंक खाता हमेशा एक्टिव रखें। बंद खाते में पैसा नहीं आएगा।
आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। ये सबसे जरूरी शर्त है। समय-समय पर KYC अपडेट कराते रहें, नहीं तो पेमेंट रुक सकता है। और हाँ, किसी बिचौलिए के झांसे में न आएँ। ये योजना पूरी तरह मुफ्त है। कोई एजेंट नहीं लगता, कोई कमीशन नहीं लगता।
🏁 निष्कर्ष
देखिए, Nijut Moina Scheme सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, ये बेटियों के सपनों को साकार करने का जरिया है। मैंने खुद रिंकू को देखा है – पहले जो उदास रहती थी, आज वो खुद दूसरी लड़कियों को बता रही है कि कैसे आवेदन करना है।
मेरी राय में अगर आपके घर या आस-पास कोई बेटी है जो 11वीं से पीजी तक पढ़ रही है और आर्थिक तंगी की वजह से उसकी पढ़ाई रुकने वाली है, तो उसे ये योजना जरूर बताइए। ये ₹1,000 से ₹2,500 हर महीने उसके भविष्य की नींव मजबूत कर सकते हैं।
यही वो सुनहरा मौका है जो किसी बेटी की जिंदगी बदल सकता है। जल्दी कीजिए, वरना मौका हाथ से निकल जाएगा! 💫
“बेटियाँ सिर्फ घर की शान नहीं, समाज की पहचान होती हैं। उनकी पढ़ाई में ही देश का भविष्य छिपा है।”





